पूज्य साध्वी संवेगनिधि श्रीजी म॰ सा॰

मनुष्य जीवन में दुर्लभ हैं पांच सकार॰॰॰॰॰॰ जीवन में सुवास देता है विनयभाव॰॰॰॰॰॰ अनुभव में होता है जीवन का सार॰॰॰॰॰॰ आप स्वयं परिवार के लिये आदर्श स्थापित करें॰॰॰॰॰॰ संकल्प करने से असंभव भी संभव बन जाता है॰॰॰॰॰॰ धन का उपयोग दो क्षेत्रों करना श्रेयकर॰॰॰॰॰॰ परमात्मा बनने की ताकत केवल मनुष्य में॰॰॰॰॰॰

Thursday, April 17, 2008

47- परमात्मा को जीवन का केंद्र बनाइएः पूज्य साध्वी संवेगनिधि श्रीजी म॰ सा॰




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