पूज्य साध्वी संवेगनिधि श्रीजी म॰ सा॰

मनुष्य जीवन में दुर्लभ हैं पांच सकार॰॰॰॰॰॰ जीवन में सुवास देता है विनयभाव॰॰॰॰॰॰ अनुभव में होता है जीवन का सार॰॰॰॰॰॰ आप स्वयं परिवार के लिये आदर्श स्थापित करें॰॰॰॰॰॰ संकल्प करने से असंभव भी संभव बन जाता है॰॰॰॰॰॰ धन का उपयोग दो क्षेत्रों करना श्रेयकर॰॰॰॰॰॰ परमात्मा बनने की ताकत केवल मनुष्य में॰॰॰॰॰॰

Sunday, April 20, 2008

38- पुण्य कर्म के साथ भगवान से जुड़ाव भी होः पूज्य साध्वी संवेगनिधि श्रीजी म॰ सा॰







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